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ACK-SPL-H-Ekdanta

Wednesday, 18/03/2026 08:10 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
गणेश चतुर्थी विशेषांक
Category
ACK
Language
Hindi
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एकदंत

       गणपति की कथाएँ

अमर चित्र कथा द्वारा प्रकाशित तथा मधुर संग्रह द्वारा अनुवादित यह कॉमिक्स “एकदंत – गणपति की कथाएँ” भगवान गणेश के जीवन से जुड़ी तीन प्रमुख कथाओं को रोचक और शिक्षाप्रद ढंग से प्रस्तुत करती है। “एकदंत” गणेश जी का एक विशेष नाम है, जिसका अर्थ है एक दाँत वाला। यह कॉमिक्स  भगवान गणेश के जन्म, उनके पराक्रम, उनके भाई कार्तिकेय के साथ संबंध और चंद्रमा से जुड़ी कथा को बेहद रोचक चित्रों और संवादों के माध्यम से प्रस्तुत करती है। पहली कहानी की शुरुआत माता पार्वती की इच्छा से होती है। वे चाहती थीं कि उनका अपना एक पुत्र हो। उन्होंने अपने शरीर के उबटन से एक बालक का निर्माण किया और उसमें प्राण फूंक दिए—यही बालक आगे चलकर गणेश कहलाए। 

माता पार्वती ने गणेश को आदेश दिया कि वे उनके निवास के द्वार पर पहरा दें, और किसी को अंदर न आने दें। जब भगवान शिव वहां आए, तो गणेश ने उन्हें भी रोक दिया। इससे क्रोधित होकर शिव ने उनका सिर काट दिया। जब पार्वती को यह पता चला, तो वे अत्यंत दुखी और क्रोधित हुईं। तब शिव ने उन्हें मनाने और उनका क्रोध शांत करने के लिए अपने गणों को आदेश दिया कि वे उत्तर दिशा में मिलने वाले पहले जीव का सिर लेकर आएँ। वह सिर एक हाथी का था। शिव ने वह सिर गणेश के शरीर पर स्थापित कर दिया और उन्हें जीवनदान दिया। इसी प्रकार गणेश जी बने प्रथम पूज्य देवता, विघ्नहर्ता (बाधाओं को दूर करने वाले)।

कहानी के दूसरे भाग में गणेश का पराक्रम में एक वीर बालक की कहानी दिखाई गई है, जो अपने साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण से सबको चौंका देता है। गणेश बचपन से ही साहसी और निडर थे। जब एक दुष्ट असुर लोगों को परेशान करता है, तब गणेश उसका सामना करते हैं। वे अपनी बुद्धि और शक्ति से उस असुर को पराजित कर देते हैं। अगले भाग में कार्तिकेय का क्रोध दिखाया गया है जिसमें गणेश और उनके भाई कार्तिकेय के बीच की प्रतियोगिता और उससे उत्पन्न भावनाओं को दर्शाती है।

एक बार दोनों भाइयों के बीच यह प्रतियोगिता हुई कि कौन पूरी दुनिया का चक्कर पहले लगाकर आएगा। कार्तिकेय अपने वाहन मोर पर बैठकर निकल पड़े, जबकि गणेश ने अपने माता-पिता शिव और पार्वती की परिक्रमा की और कहा, “मेरे लिए आप ही मेरा संसार हैं।” इस बुद्धिमानी से गणेश विजेता घोषित हुए। लेकिन जब कार्तिकेय लौटे, तो उन्हें यह अन्याय लगा और वे क्रोधित होकर दूर चले गए।

कॉमिक्स के अंतिम भाग में गणेश और चंद्रमा की (एकदंत का रहस्य) कथा दिखाई गयी है। यह सबसे प्रसिद्ध कथा है, जिसमें गणेश जी का एक दांत टूटने का कारण बताया गया है। एक दिन गणेश जी बहुत अधिक मोदक खाकर लौट रहे थे। रास्ते में उनका पेट भारी होने के कारण वे गिर पड़े। यह देखकर चंद्रमा हँस पड़ा। गणेश जी को यह अपमान सहन नहीं हुआ और उन्होंने चंद्रमा को श्राप दे दिया, “जो भी तुम्हें देखेगा, उसे अपमान का सामना करना पड़ेगा।” बाद में देवताओं के आग्रह पर गणेश ने श्राप को थोड़ा कम किया, लेकिन तभी से गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखना अशुभ माना जाता है। इसी घटनाक्रम में उनका एक दांत टूट गया और वे “एकदंत” कहलाए।

इस प्रकार इस पुरे कॉमिक्स से हमें यह शिक्षा मिलती है कि
✔️ माता-पिता का सम्मान सबसे बड़ा धर्म है।
✔️ बुद्धि और विवेक से हर समस्या का समाधान संभव है।
✔️ अहंकार और उपहास का परिणाम बुरा होता है।
✔️ सच्चाई और साहस हमेशा विजय दिलाते हैं।
“एकदंत – गणपति की कथाएँ” केवल धार्मिक कहानी नहीं है, बल्कि यह जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों को सरल और रोचक तरीके से सिखाती है। इस कॉमिक के माध्यम से बच्चों और बड़ों दोनों को यह सीख मिलती है कि ज्ञान, विनम्रता और भक्ति जीवन को सफल बनाते हैं।

  • शीर्षक : एकदंत – गणपति की कथाएँ
  • श्रेणी : महाकाव्य तथा धार्मिक कथाएं
  • अंक/संख्या : गणेश चतुर्थी विशेषांक 
  • कुल पृष्ठ : 70
  • भाषा : हिंदी
  • प्रथम प्रकाशित : सितम्बर 2021
  • प्रकाशक : अमर चित्र कथा प्राइवेट लिमिटेड

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