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ACK-SPL-H-Ramayan-Khand 4-Kishkindha Kand

Thursday, 19/03/2026 12:31 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
Box Set-4
Category
ACK
Language
Hindi
ACK-SPL-H-Ramayan-Khand 4-Kishkindha Kand

ACK-SPL-H-Ramayan-Khand 4-Kishkindha Kand

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रामायण

          किष्किंधा काण्ड 

रामायण विश्व के महानतम महाकाव्यों में से एक महाकाव्य है। राम और सीता की कहानी बहादुरी, साहस, प्रेम और निष्ठा, मानवी भावनाएं और दुखदायी गलतियां तथा बुराई पर अच्छाई की विजय से ओतप्रोत कालजयी कथा है। भारत के प्राचीन इतिहास और संस्कृति की महत्त्वपूर्ण जानकारियां देनेवाला रामायण हमारी विरासत का अभिन्न अंग है। पाँच हजार वर्ष पूर्व ऋषि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में लिखी गई इस कथा ने सभी के मन पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इस कथा ने सभी के मन को छू लिया है। भारत के हर राज्य में, लगभग हर भाषा में इस कथा के संस्करण देखने को मिलते हैं। जैसे नृत्य, नाटक, कठपुतली, चित्रकला और रामायण के दृश्यों को दर्शाते शिल्पकला | महान भक्तों द्वारा रचित रामायण के गीतों को शास्त्रीय और लोकसंगीत में विशेष स्थान प्राप्त हैं। पूरे एशिया महाद्वीप में इस कथा का प्रचार-प्रसार हुआ है। तिब्बत, चीन, जापान, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया, इंडोनिशिया (बाली) और फिलिपिन्स जैसे देशों में इस कथा के अनूठे रूप पाए जाते हैं। अमर चित्र कथा द्वारा ये पुनर्कथन वाल्मीकि रचित मौलिक महाकाव्य पर आधारित है जिसमें सात काण्ड या पुस्तकें हैं, जिनमें 645 अध्याय समाविष्ट हैं।

यह अमर चित्र कथा द्वारा प्रकाशित रामायण के चतुर्थ भाग- किष्किंधा काण्ड का चित्रात्मक संस्करण है। कथा की शुरुआत होती है जब राम और लक्ष्मण सीता की खोज में वन-वन भटक रहे होते हैं। वे प्रकृति के बीच चलते हुए चिंतित हैं, लेकिन उनका संकल्प अटल है—सीता को हर हाल में ढूंढना है। इसी दौरान उनकी मुलाकात सुग्रीव से होती है, जो अपने भाई बालि से भयभीत होकर ऋष्यमूक पर्वत पर छिपा हुआ है। सुग्रीव पहले डर जाता है, लेकिन बाद में हनुमान के माध्यम से राम से परिचय होता है। हनुमान दोनों भाइयों को सुग्रीव के पास ले जाते हैं और वहाँ मित्रता का प्रस्ताव रखा जाता है। राम और सुग्रीव अग्नि को साक्षी मानकर मित्रता करते हैं। दोनों एक-दूसरे की सहायता का वचन देते हैं राम → सुग्रीव को उसका राज्य वापस दिलाएँगे सुग्रीव → सीता की खोज में मदद करेगा सुग्रीव राम को अपनी पीड़ा बताता है कि कैसे उसके भाई बालि ने उसका राज्य छीन लिया और उसकी पत्नी को भी अपने पास रख लिया।

राम योजना बनाते हैं और सुग्रीव को बालि को युद्ध के लिए ललकारने को कहते हैं। पहले युद्ध में राम बालि और सुग्रीव में अंतर नहीं कर पाते, इसलिए सुग्रीव हार जाता है। फिर सुग्रीव को पहचान के लिए माला पहनाई जाती है। दूसरे युद्ध में जब बालि और सुग्रीव लड़ते हैं, तब राम छिपकर एक बाण से बालि को मार देते हैं। मरते समय बालि राम से प्रश्न करता है कि उन्होंने छिपकर वार क्यों किया। राम उसे धर्म और न्याय का उपदेश देते हैं और बताते हैं कि उसने अपने भाई के साथ अन्याय किया था। बालि अपनी गलती स्वीकार करता है और अपने पुत्र अंगद को राम की सेवा में सौंप देता है। बालि के मरने के बाद सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया जाता है। अंगद को युवराज घोषित किया जाता है।

सुग्रीव वर्षा ऋतु के कारण तुरंत खोज शुरू नहीं करता, जिससे राम थोड़े चिंतित होते हैं। ऋतु समाप्त होने के बाद, सुग्रीव अपनी वानर सेना को चारों दिशाओं में भेजता है। हनुमान, अंगद और जाम्बवन्त दक्षिण दिशा में जाते हैं। अंत में किष्किंधा (आज का हम्पी क्षेत्र) का सुंदर वर्णन किया गया है यह वानरों की समृद्ध नगरी थी, जहाँ पर्वत, गुफाएँ और प्राकृतिक सौंदर्य भरपूर था। यह कॉमिक्स हमें  मुख्य सन्देश देता है कि मित्रता और विश्वास का महत्व, धर्म और न्याय की स्थापना, बुराई पर अच्छाई की विजय तथा सही समय पर सही निर्णय लेना चाहिए!

  • शीर्षक : रामायण- किष्किंधा काण्ड
  • श्रेणी : महाकाव्य तथा धार्मिक कथाएं
  • अंक/संख्या : विशेषांक  (बॉक्स सेट भाग- 4)
  • कुल पृष्ठ : 144
  • भाषा : हिंदी
  • प्रथम प्रकाशित : फरवरी 2024
  • प्रकाशक : अमर चित्र कथा प्राइवेट लिमिटेड

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