Welcome to Madhur Sangrah - Another essence of MADHUR BAL PUSTAKALAYA | Classic n Vintage Old Books and Comics got here new Life | Reengage with your timeless classics and modern favorites |

Madhur Sangrah - Where Paper Meets Pixel

×
दिनांक 19 अप्रैल 2026 दिन बुधवार विक्रम संवत् 2083 वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया (अक्षय तृतीया) की हार्दिक शुभकामनाएं! दिनांक 19 अप्रैल 2026 दिन बुधवार विक्रम संवत् 2083 वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया (अक्षय तृतीया) की हार्दिक शुभकामनाएं!
Translate

ACK-SPL-H-Ramayan-Khand 1-Balkand

Thursday, 19/03/2026 06:19 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
Box Set-1
Category
ACK
Language
Hindi
ACK-SPL-H-Ramayan-Khand 1-Balkand

ACK-SPL-H-Ramayan-Khand 1-Balkand

Category 1
Category 2
Category 3

रामायण

          बाल कांड

रामायण विश्व के महानतम महाकाव्यों में से एक महाकाव्य है। राम और सीता की कहानी बहादुरी, साहस, प्रेम और निष्ठा, मानवी भावनाएं और दुखदायी गलतियां तथा बुराई पर अच्छाई की विजय से ओतप्रोत कालजयी कथा है। भारत के प्राचीन इतिहास और संस्कृति की महत्त्वपूर्ण जानकारियां देनेवाला रामायण हमारी विरासत का अभिन्न अंग है। पाँच हजार वर्ष पूर्व ऋषि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में लिखी गई इस कथा ने सभी के मन पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इस कथा ने सभी के मन को छू लिया है। भारत के हर राज्य में, लगभग हर भाषा में इस कथा के संस्करण देखने को मिलते हैं। जैसे नृत्य, नाटक, कठपुतली, चित्रकला और रामायण के दृश्यों को दर्शाते शिल्पकला | महान भक्तों द्वारा रचित रामायण के गीतों को शास्त्रीय और लोकसंगीत में विशेष स्थान प्राप्त हैं। पूरे एशिया महाद्वीप में इस कथा का प्रचार-प्रसार हुआ है। तिब्बत, चीन, जापान, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया, इंडोनिशिया (बाली) और फिलिपिन्स जैसे देशों में इस कथा के अनूठे रूप पाए जाते हैं। अमर चित्र कथा द्वारा ये पुनर्कथन वाल्मीकि रचित मौलिक महाकाव्य पर आधारित है जिसमें सात काण्ड या पुस्तकें हैं, जिनमें 645 अध्याय समाविष्ट हैं।

रामायण का बाल कांड पूरे महाकाव्य का आरंभिक भाग है, जिसमें भगवान राम के जन्म से लेकर उनके युवावस्था के प्रारंभिक पराक्रमों तक की कथा प्रस्तुत की गई है। यह भाग न केवल एक दिव्य कथा है, बल्कि भारतीय संस्कृति, धर्म और आदर्श जीवन मूल्यों की नींव भी रखता है। पुस्तक के आरम्भिक पन्नों में बताया गया है कि रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की और इसमें मानव जीवन के आदर्शों का सुंदर चित्रण मिलता है। कहानी की शुरुआत महर्षि वाल्मीकि से होती है। एक दिन वे एक क्रौंच पक्षी के जोड़े को देखते हैं, जिसमें से एक का वध हो जाता है। इस घटना से व्यथित होकर उनके मुख से पहला श्लोक निकलता है — यही रामायण की रचना का आरंभ बनता है।

इसके बाद देवर्षि नारद उन्हें भगवान राम की कथा सुनाते हैं, जिससे प्रेरित होकर वाल्मीकि रामायण लिखते हैं। कहानी कुछ यूँ है कि एक समय पृथिवी पर अयोध्या में राजा दशरथ राज किया करते थे। उनकी तीन रानियां थी परन्तु महाराज दशरथ संतानहीन थे। उन्होंने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराया। यज्ञ के फलस्वरूप उनकी तीन रानियों — कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा — को पुत्र प्राप्त हुए। कौशल्या को राम, महारानी कैकेयी को भरत तथा रानी सुमित्रा को जुड़वाँ पुत्र लक्ष्मण और शत्रुघन। पुस्तक में बालकों के जन्म और उनके पालन-पोषण का सुंदर चित्रण किया गया है। तीनों राजकुमारों को गुरुकुल में भेजा जाता है, जहाँ वे शास्त्र, धनुर्विद्या और नीति सीखते हैं। राम और लक्ष्मण विशेष रूप से तेजस्वी और पराक्रमी सिद्ध होते हैं।ऋषि विश्वामित्र राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने का आग्रह करते हैं ताकि वे राक्षसों से यज्ञ की रक्षा कर सकें।

ऋषि विश्वामित्र के आदेश पर राम, ताड़का नामक राक्षसी का वध करते हैं। मारीच और सुबाहु को परास्त करते हैं। यह उनके पहले पराक्रमों में से एक है। बाद में राम और लक्ष्मण विश्वामित्र के साथ मिथिला पहुँचते हैं, जहाँ राजा जनक की पुत्री सीता के विवाह के लिए स्वयंवर की तैयारी चल रही होती है। स्वयंवर की शर्त होती है, जो शिवजी के विशाल धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, वही सीता से विवाह करेगा।

राम, धनुष को उठाते हैं, प्रत्यंचा चढ़ाते समय वह धनुष टूट जाता है। यह दृश्य कॉमिक्स में अत्यंत प्रभावशाली रूप में दिखाया गया है। धनुष भंग के बाद राम और सीता का विवाह होता है। साथ ही भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का भी विवाह जनक परिवार की कन्याओं से होता है। यह प्रसंग आनंद और उत्सव से भरपूर है। विवाह के बाद सभी अयोध्या वापस लौटते हैं। बाल कांड का समापन इस सुखद क्षण के साथ होता है, जहाँ राम एक आदर्श पुत्र और वीर के रूप में स्थापित हो चुके होते हैं। इसका मुख्य संदेश (Key Takeaways) है, धर्म और कर्तव्य का पालन जीवन का आधार है। गुरु का सम्मान और आज्ञा पालन महत्वपूर्ण है। शक्ति के साथ विनम्रता भी आवश्यक है। आदर्श जीवन का मार्ग सत्य और धर्म से होकर गुजरता है। “रामायण – बाल कांड” केवल एक कहानी नहीं, बल्कि एक जीवन मार्गदर्शक है। इसमें राम के बाल्यकाल से ही उनके आदर्श गुणों को दर्शाया गया है, जो उन्हें “मर्यादा पुरुषोत्तम” बनाते हैं। यह कॉमिक्स  विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, क्योंकि यह सरल चित्रों और संवादों के माध्यम से गहरे जीवन मूल्यों को समझाती है।

  • शीर्षक : रामायण- बाल कांड
  • श्रेणी : महाकाव्य तथा धार्मिक कथाएं
  • अंक/संख्या : विशेषांक  (बॉक्स सेट भाग- 1)
  • कुल पृष्ठ : 144
  • भाषा : हिंदी
  • प्रथम प्रकाशित : फरवरी 2024
  • प्रकाशक : अमर चित्र कथा प्राइवेट लिमिटेड

Keywords

Comments

Leave a Reply

Login to comment