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ADCK-H-46-Swami Shivanand

Monday, 23/03/2026 10:14 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
46
Category
ADCK
Language
Hindi
ADCK-H-46-Swami Shivanand

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स्वामी शिवानन्द

शताब्दियों से भारत में अनेक ऋषि-मुनि हुए हैं। हमारे पुराण ऐसे महापुरुषों की गाथाओं से परिपूर्ण हैं। किन्तु हमारे समकालीन् आध्यात्मिक युग पुरुष स्वामी शिवानन्द की कथा एक सच्चे आध्यात्मिक जीवन की अनोखी, प्रेरणात्मक और प्रभावात्मक कहानी है। यह कथा एक ऐसे व्यक्ति की है जिसने मलाया के रबड़ प्लाँटेशन में डॉक्टर का उज्ज्वल व्यवसाय त्याग कर आध्यात्मिक ज्ञान की खोज में हिमालय में आकर वास किया। आज, विश्व के आध्यात्मिक जिज्ञासुओं में उनका नाम एक कहावत बन गया है। विश्व - सेवा की तीव्र आकांक्षा से प्रेरित स्वामी शिवानन्द ने सत्य एवं परमात्मा के जिज्ञासुओं को प्रशिक्षण तथा ज्ञान देने के लिए 'डिवाइन लाइफ़ सोसाइटी' एवं 'योग वेदान्त फॉरेस्ट अकादमी' की स्थापना की।
स्वामी शिवानन्द की बाल-समान भोली भाली प्रकृति में सरलता और दया के समावेश के साथ-साथ- उनकी विनोदी प्रवृत्ति से सभी लोग उनकी ओर आकृष्ट होते थे। उनकी ओजस्वी वाणी या स्वर-तालबद्ध कीर्तनों का श्रवण एक रोमांचक अनुभव था। स्वामी शिवानन्द के लिए सभी मनुष्य एक समान थे और सभी धर्म समान रूप से पवित्र थे । उन्होंने ऐसे सार्वभौमिक सत्य का प्रचार किया जिसे सभी धर्म के लोग समझ सकते हैं । अतः संसार के सभी लोग उनसे प्रेम करते थे और उनका आदर करते थे। अब, इस पुस्तक के आगामी पृष्ठों में इस महान् धर्मात्मा की रोचक कहानी के सचित्र वर्णन को पढ़िए।
स्वामी शिवानन्द 'डिवाइन लाइफ़ सोसाइटी' (The Divine Life Society), पो० ओ० शिवानन्द नगर- 249192, उ० प्र०, के हम अति आभारी हैं कि उन्होंने इस पुस्तक के सम्पादन में, इसके आवश्यक प्रसंगों को जुटाने में तथा चित्रकार की सहायता करने में हमें अमूल्य महयोग दिया है।

 

  • आदर्श चित्रकथा 
  • संख्या : 46
  • कुल पृष्ठ : 36
  • लिपि : हिंदी
  • प्रकाशक : आर्गस सेंट्रल इंटरप्राइजेज नई दिल्ली-13 
  • प्रकाशन वर्ष : नवंबर 1984

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