श्री वेंकेटेश्वर
श्री वेंकटेश्वर (बाला जी) भगवान विष्णु का अवतार हैं। जब नारद ने कलियुग में मानव मूल्यों के पतन के विषय में चिन्ता व्यक्त की तो सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने उनसे कहा कि केवल सृष्टिपालक भगवान विष्णु ही पीड़ित मानवता की रक्षा कर सकते हैं। लेकिन समस्या यह थी कि विष्णु से यह कैसे कहा जाए कि आप वैकुण्ठ धाम छोड़कर अवतार धारण कर भूलोक में चले जाओ। विष्णु ने जिन घटनाओं के फलस्वरूप दक्षिण भारत के पवित्र तिरूमल पर्वतों पर श्रीनिवास के रूप में निवास किया वह श्री वेंकटेश्वर का ही घटनाक्रम है। संस्कृत में "वें" का अर्थ है—पाप, और 'कट' का अर्थ है भस्मित करने वाला। अतः भक्तों का विश्वास है कि कलियुग में पुण्य वेंकटाद्रि पर्वतों की केवलमात्र यात्रा से ही मानवता को शान्ति व मुक्ति मिल सकती है।

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