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ACK-H-397-Mahabharat 35-Jayadrath Vadh

Tuesday, 20/10/2026 05:04 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
397
Category
ACK
Language
Hindi
ACK-H-397-Mahabharat 35-Jayadrath Vadh

ACK-H-397-Mahabharat 35-Jayadrath Vadh

महाभारत 35 : जयद्रथ वध
अमर चित्र कथा माला में प्रस्तुत महाभारत के चौंतीसवें खंड में इसका वर्णन था कि किस प्रकार युवा अभिमन्यु ने कौरव सेना के बनाये दुर्भेद्य चक्रव्यूह को वीरतापूर्वक भेद दिया। पांडव सेना के वीरों ने उसका अनुसरण करने का वादा किया था, पर वे राह में जयद्रथ द्वारा रोक लिये गये। अभिमन्यु ने अद्भुत पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए अकेले ही युद्ध किया। अंत में छः कौरव योद्धाओं ने उसे घेर कर उसपर आक्रमण कर दिया और इस प्रकार उनसे वीरतापूर्वक जुझते हुए सोलह वर्षीय अभिमन्यु ने रणभूमि में सद्‌गति प्राप्त की। 
जब अर्जुन को निर्ममतापूर्वक किये गये अपने पुत्र के वध का समाचार मिला और जयद्रथ द्वारा पांडव वीरों को उसकी सहायतार्थ आगे न बढ़ने देने में अदा की गयी भूमिका की जानकारी प्राप्त हुई, तो उसी पल उसने अगले दिन सूर्यास्त तक जयद्ध को मौत के घाट उतार देने की प्रतिज्ञा कर ली। 

  • अमर चित्र कथा 
  • महाभारत- 35
  • शीर्षक : जयद्रथ वध
  • संख्या: 397
  • कुल पृष्ठ : 36
  • भाषा : हिंदी
  • प्रकाशक : इंडिया बुक हाउस प्रा. लि.
  • प्रथम प्रकाशित : जनवरी 1988

 

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