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आर्ष साहित्य :लाला लाजपत राय

Tuesday, 01/09/2026 05:31 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
NA
Category
Other Pub.
Language
Hindi
आर्ष साहित्य :लाला लाजपत राय

आर्ष साहित्य :लाला लाजपत राय

पंजाब केसरी लाला लाजपत
राय पंजाब केसरी लाला लाजपत राय एक महान समाज सुधारक, शिक्षा शास्त्री और क्रान्तिकारी थे। गर्म दल की लाल-बाल-पाल की त्रिमूर्ति में से एक लाला लाजपत राय ने महर्षि दयानंद सरस्वती से प्रेरणा पाकर अपना संपूर्ण जीवन देश की स्वतंत्रता, स्वदेशी शिक्षा और जन कल्याण में लगा दिया और अंततः ब्रिटिश सैनिकों की लाठियों के प्रहार के कारण शहीद हो गए। सरदार भगत सिंह और चन्द्रशेखर आज़ाद ने लालाजी की मौत का बदला लेकर ईट का जवाब पत्थर से दिया। लालाजी ने अपनी आत्मकथा में लिखा है- "यदि मैं आर्य समाज में दाखिल न होता, तो यह सच है कि मैं आज जो कुछ भी हूँ, वह न होता।"
पंजाब नेशनल बैंक, डी.ए.वी, लक्ष्मी इंश्योरेंस कंपनी (एल.आई.सी), द तिलक स्कूल ऑफ पालिटिक्स एवं सरवेन्टस ऑफ द पीपल्स सोसाइटी के संस्थापक लाला -लाजपत राय की यह प्रेरणादायक चित्रकथा विशेषतौर पर बच्चों, किशोरों और युवाओं के लिए तैयार की गई है, ताकि इसे पढ़कर वे भी वीर, देशभक्त, निडर और साहसी बन सकें।

  • शीर्षक : पंजाब केसरी लाला लाजपत
  • संख्या: ……..
  • कुल पृष्ठ : 41
  • भाषा : हिंदी
  • प्रकाशक : आर्ष साहित्य 
  • प्रथम प्रकाशित : 2024

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