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ADCK-H-37-Ranthambor Ka Gheraav

Tuesday, 24/03/2026 09:41 AM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
37
Category
ADCK
Language
Hindi
ADCK-H-37-Ranthambor Ka Gheraav

ADCK-H-37-Ranthambor Ka Gheraav

Category 1
Category 3
NA
Category 4
NA

रंथम्बोर का घेराव
 

भारतीय इतिहास में मुस्लिम शासन का युग बड़े उतार-चढ़ाव का समय था और सदा युद्ध व शान्ति का क्रम चलता रहता था। उस समय प्रेम व मैत्री, घृणा और हिंसा, आदर व सम्मान, धोखा और शंका जैसी भावनाओं का बोल-बाला था। अतः इन परिस्थितियों ने उस समय के कवियों को ऐतिहासिक गद्य व कवितायें लिखने के लिए प्रेरित किया। यह कवि सुल्तानों के दरबारी कवि रहे तथा उन्होंने उस काल की राजनैतिक व सामाजिक स्थितियों पर लिखा। उनके लेखों से उस युग के समकालीन इतिहास पर बहुत प्रकाश पड़ता है। इसके साथ ही उस समय यथार्थ और कल्पना में कोई विशेष अन्तर नहीं होता था। अतः उनके लेखन कार्यों ने मानव पीढ़ी को तत्कालीन ऐतिहासिक चरित्रों से सम्बन्धित मनमोहक कथायें प्रदान की हैं। यहाँ वर्णित कहानी ऐसे ऐतिहासिक लेखों में से उद्धृत की गई है जो कि किशोरावस्था के बच्चों को विशेष तौर पर रोचक लगेगी। चूँकि यह एक ऐसी मित्रता अभिव्यक्त करती है जो कि मृत्यु और सम्मान से कहीं अधिक दृढ़ और तेजस्वी थी।

  • आदर्श चित्रकथा 
  • शीर्षक : रंथम्बोर का घेराव
  • संख्या : 37
  • कुल पृष्ठ : 36
  • लिपि : हिंदी
  • प्रकाशक : आर्गस सेंट्रल इंटरप्राइजेज नई दिल्ली-13 
  • प्रकाशन वर्ष : सितम्बर 1982

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