गरज शेर गरज
इस कहानी में तीन प्रमुख पात्र हैं - बब्बर शेर, उसका बच्चा-छोटू तथा टिंगू नामक शैतान बन्दर। बन्दर प्रति बुद्धिमान् है, सिंह शावक बड़ा उत्सुक है और बब्बर शेर कुछ वृद्ध है तथा प्रकारण ही ग़रजना नहीं चाहता। ऐसा हुआ कि शेरनी को शिकारियों ने जाल में फँसा लिया और उसे मुक्त कराने का कार्य टिंगू और उस छोटू को सौंपा गया, जो अभी स्वयं ही जंगल के तौर-तरीके सीख रहा था। उन दोनों ने शिकारियों से चाल चलो किन्तु शेरनी को छुड़ाने का कार्य पूर्ण किया बब्बर शेर ने। वह एक बार ही इतने ज़ोर से गरजा कि शिकारी सिर पर पैर रख कर भाग गए। इस कहानी में एक शिक्षा भी निहित है - "विवेक और बल के मिश्रण में ही सच्ची शक्ति है।"

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