गणेश की कथाएं
हिन्दू परम्परा में प्रत्येक शुभ अवसर पर गज वदना गणेश की सर्वप्रथम स्तुति की जाती है। गणेश को विघ्नेश्वर भी कहा जाता है। गज वदन ज्ञान कोष का प्रतीक है। सूंड वृक्ष उखाड़ने जैसे स्थूल तथा घास के ढ़ेर में से सुई उठाने जैसे सूक्ष्म कार्य करती है। अतः यह विवेकशील बुद्धि की प्रतीक है जो कि सूक्ष्म को स्थूल से पृथक् करने में समर्थ है। गणेश एक टाँग पर बैठते हैं जो कि एकाग्रता का चिह्न है। भगवान गणेश के चित्रों में परम्परागत रूप से प्रदर्शित उनके चरणों में अर्पित विभिन्न फल और मिष्ठान इस बात का प्रतीक हैं कि उनके समान महात्माओं के चरणों में जीवन की शुभता निवास करती है। 
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