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ADCK-H-27-Barah Jyotirling

Tuesday, 24/03/2026 03:31 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
27
Category
ADCK
Language
Hindi
ADCK-H-27-Barah Jyotirling

ADCK-H-27-Barah Jyotirling

Category 1
Category 3
NA
Category 4
NA

बारह ज्योर्तिलिंग

हममें से अधिकाँश लोग जब उत्तर से दक्षिण तक और पूर्व से पश्चिम तक यात्रा करते हैं, तो मार्ग में विभिन्न शिव मन्दिर आते हैं। कुछ मन्दिर तो काफी पुराने और प्रसिद्ध हैं जबकि अन्य कुछ नव स्थापित है। कई मन्दिर विशाल और महान् हैं, जबकि अन्य कई छोटे-छोटे शिवालय हैं जो किसी पर्वत या जंगल में स्थित हैं। इन असंख्य शिव मंदिरों में शैव भक्त बारह मन्दिरों को सर्वाधिक महत्व प्रदान करते हैं। इन्हें बारह ज्योतिर्लिंग कहते हैं। यह सभी ज्योतिलिंग पवित्र माने जाते हैं, और ग्रन्थों में यह कहा गया है कि इनके दर्शन करने से मनुष्य सभी बन्धनों से मुक्त होकर व्यक्तित्व सम्बन्धी सीमाओं से ऊपर उठ भगवान की दिव्य प्रकृति का मनन करने की उच्च परिधि में पहुँच जाता है।
इस पुस्तक में इन ज्योतिर्लिंगों के उद्भव की कथायें हैं जहाँ पर शिवजी ने अपने भक्तों पर अनुग्रह कर उनके निवेदन पर मानवता के कल्याण हेतु वहीं पर स्थान ग्रहरण कर लिया।

  • आदर्श चित्रकथा 
  • शीर्षक
  • संख्या : 27
  • कुल पृष्ठ : 36
  • लिपि : हिंदी
  • प्रकाशक : आर्गस सेंट्रल इंटरप्राइजेज नई दिल्ली-13 
  • प्रकाशन वर्ष : ...

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