राजा जनक
देश का गौरव ही सदा से देश वासियों का गौरव रहा है। प्रचीन काल में भारत प्रति समृद्धिशाली देश था। राजा धर्मात्मा व कर्तव्यनिष्ठ होते थे और इस भूमि पर अनेक ऋषि-मुनियों ने जन्म लिया। उस समय अनेक राजा तथा धर्मात्मा हुए। लेकिन हमारे पास एक राजसिक सन्त- राजा जनक का अलौकिक उदाहरण है। जनक उपनिषद् ज्ञान में दक्ष थे तथा जहाँ एक ओर वह अपने राजकर्तव्यों को पूर्ण करते थे वहाँ दूसरी ओर वह सच्चे सिद्ध पुरुष के नाम से प्रसिद्ध थे।

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