999 नामों का विष्णु सहस्त्रनाम
इस पुस्तक में मनुष्य व भगवान के पारस्परिक सम्बन्ध के विषय तीन अलौकिक किन्तु मनोरंजक कहानियाँ हैं। हम सभी का परमात्मा के साथ एक प्राणभूत् तथा अविभेद्य संपर्क है और हम अपनी आत्मानुभूति के स्तर के अनुरुप ही फल पाते हैं। यद्यपि सभी कथायें परस्पर भिन्न हैं लेकिन सबका उद्देश्य एक ही है और सभी कहानियाँ उस परम ब्रह्म परमात्मा के साथ सबल ईश्वरानुभूति के गुणों का वर्णन करती हैं।

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