वेद व्यास
भारत के सभी ऋषि-मुनियों में वेद व्यास को ही सर्वप्रथम वेदों की विधिवत् रचना करने का श्रेय प्राप्त है। वेद व्यास को पौराणिक ज्ञान से ओत-प्रोत पुराणों तथा उस सभी ग्रन्थों का मूल लेखक घोषित किया गया है जो ग्रन्थ भारत के धार्मिक साहित्य का अखण्ड भाग हैं। इस चित्र पुस्तक में हमने उनके जन्म समय की कुछ अलौकिक परिस्थितियों तथा उनके जीवन की किंचित् रोचक घटनाओं को प्रस्तुत किया है। इस सभी में सर्वाधिक सुखकर वह घटना है जिसमें व्यास ने भगवान गणपति को अपना लेखक बनाया।

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