अहल्या
भारत ऋषि-मुनियों, महात्माओं, सुशील एवं आदर्श स्त्रियों की परम भूमि है। इस धरती पर अहल्या नामक गुणवान् और सुन्दर स्त्री ने जन्म लिया। उसका नाम रूपवान् सुशील और धर्मात्मा नारियों में सर्वोपरि लिया जाता है। वह पवित्रता का और जीवन के झंझावातों में भी दृढ़ बने रहने का एक उत्तम उदाहरण है। अहल्या, गौतम नामक महान् और विख्यात ऋषि की पत्नी थी। देवराज इन्द्र ने बदला लेने की भावना से उस सच्चरित्र व सरल स्त्री से छल किया। गौतम मुनि को यह भलीभांति ज्ञात था कि चाहे उनकी पत्नी का शरीर प्रत्यक्ष रूप से मलिन हुआ था, लेकिन उसकी शुद्ध आत्मा निर्मल थी। यद्यपि वह जानते थे कि तपस्या जीव को अज्ञान के दलदल से ऊपर उठा देती है किन्तु फिर भी उन्होंने अपनी पत्नी से कठोर तप करने का अनुरोध किया और उसकी मुक्ति के बाद ही उसे स्वीकार किया।

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