अकबर और बीरबल की कहानियां
चतुराई संघर्ष' राजा अकबर और उसके दरबारी बीरबल पर प्राधारित है। ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, सोलहवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में दिल्ली पर अकबर का शासन था। उन्होंने अपने दरबार में तत्कालीन् सर्वाधिक शूरवीर और बुद्धिमान् व्यक्ति रखे थे। उनमें से प्रमुख थे बादशाह के नवरत्न (नौ मन्त्री), इसीलिए उनका दरबार " नवरत्न दरबार" के नाम से प्रसिद्ध था। इन सभी नव रत्नों में एक न एक विशेष गुण था। सब में सर्व शिरोमणि था - बीरबल, जो अपनी चतुराई और हाजिर- जवाबी के लिए विख्यात था और उसकी सभी कहानियां विशेषकर इन्हीं गुणों पर प्राधारित हैं। इस पुस्तक में नमूने के तौर पर आठ कहानियां दी गई हैं जिनमें युवा पाठकों को प्रानन्द आयेगा और अधिकाधिक पढ़ना चाहेंगे।

Leave a Reply