Welcome to Madhur Sangrah - Another essence of MADHUR BAL PUSTAKALAYA | Classic n Vintage Old Books and Comics got here new Life | Reengage with your timeless classics and modern favorites |

Madhur Sangrah - Where Paper Meets Pixel

×
*चैत्र शुक्लपक्ष प्रतिपदा नव संवत्सर 2083 की हार्दिक शुभकामनाएं!*यह वेबसाइट निर्माणाधीन है!* *चैत्र शुक्लपक्ष प्रतिपदा नव संवत्सर 2083 की हार्दिक शुभकामनाएं!*यह वेबसाइट निर्माणाधीन है!*
Translate

Chaturang Katha-H-520-Chauladevi

Sunday, 29/03/2026 02:46 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
520
Category
Chaturang
Language
Hindi
Chaturang Katha-H-520-Chauladevi

Chaturang Katha-H-520-Chauladevi

Category 1
Category 2
Category 3
NA
Category 4
NA

चौला देवी

'चौलादेवी'गुजरात के राजा भीमदेव के शासनकाल में सोमनाथ के मंदिर की एक नर्तकी थी। चालुका वंश का साहसी राजा चौलादेवी पर इतना मोहित था कि वह उसे अपनी रानी बनाना चाहता था। उनके मिलने की बात तक विभिन्न इतिहासकारों में एक मत है, पर उनके आगे के संबंध के बारे में कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिलता। चौलादेवी और राजा भीमदेव के प्रेम ने राजा को उसके ईष्यालु मंत्री विमल शाह से सीधे विरोध पर ला खड़ा किया। गुजरात राजा भीमदेव के शासन को ललकारने वाले शत्रु राज्यों और आंतरिक षड्यंत्रों से भी घिर गया। राजा भीमदेव के मंदिर की एक नर्तकी से लगाव और राज्य के कर्तव्यों के प्रति उपेक्षा ने कुलीन वर्ग को क्रुद्ध कर दिया। इस ऐतिहासिक कहानी को प्रस्तुत कर हमने एक स्त्री के आत्मबलिदान पर प्रकाश डाला है, जिसके विवेक ने मन की भावनाओं को जीत लिया था।

  • शीर्षक          : चौला देवी  
  • अंक              : 520
  • कुल पृष्ठ        : 36
  • भाषा            : हिंदी 
  • प्रकाशक       : इंडिया बुक हाउस 
  • प्रकाशन वर्ष  : ____

Comments

Leave a Reply

Login to comment