चौला देवी
'चौलादेवी'गुजरात के राजा भीमदेव के शासनकाल में सोमनाथ के मंदिर की एक नर्तकी थी। चालुका वंश का साहसी राजा चौलादेवी पर इतना मोहित था कि वह उसे अपनी रानी बनाना चाहता था। उनके मिलने की बात तक विभिन्न इतिहासकारों में एक मत है, पर उनके आगे के संबंध के बारे में कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिलता। चौलादेवी और राजा भीमदेव के प्रेम ने राजा को उसके ईष्यालु मंत्री विमल शाह से सीधे विरोध पर ला खड़ा किया। गुजरात राजा भीमदेव के शासन को ललकारने वाले शत्रु राज्यों और आंतरिक षड्यंत्रों से भी घिर गया। राजा भीमदेव के मंदिर की एक नर्तकी से लगाव और राज्य के कर्तव्यों के प्रति उपेक्षा ने कुलीन वर्ग को क्रुद्ध कर दिया। इस ऐतिहासिक कहानी को प्रस्तुत कर हमने एक स्त्री के आत्मबलिदान पर प्रकाश डाला है, जिसके विवेक ने मन की भावनाओं को जीत लिया था।

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