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Chaturang Katha-H-512-Lavanyavati

Sunday, 29/03/2026 06:55 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
512
Category
Chaturang
Language
Hindi
Chaturang Katha-H-512-Lavanyavati

Chaturang Katha-H-512-Lavanyavati

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लावण्यवती

'वेताल पंचविंशति' भारतीय कथाओं का एक सुंदर संकलन है। इसमें एक वेताल उज्जयिनी के राजा विक्रमादित्य को पच्चीस कहानियाँ सुनाता है। ये कहानियाँ संवाद के रूप में हैं और ये संवाह वेताल के चातुर्य और विक्रमादित्य की बुद्धिमत्ता के बीच रात भर चलते रहते हैं। 'लावण्यवती' और 'गुणाकर' दो और वेताल कथाएं हैं, जिन्हें पाठकों के मनोरंजन के लिए 'चतुरंग कथा' में पिरोया गया है। वेताल कहानियाँ 'पद्मावती' 'वीरवर और 'विचित्र त्याग' के पिछले अंकों में पहले भी प्रकाशित की जा चुकी हैं। 'लावण्यवती' में एक सुंदर स्त्री रहस्यमय ढंग से गायब हो जाती है और उसका उन्मत्त पति उसकी खोज में निकल पड़ता है। 'गुणाकर' में, एक धनी आदमी का निरुपाय बेटा विचित्र घटनाओं का सामना करता है। ये दोनों ही कहानियाँ हमें अपने सुंदर ढंग में दुनियादारी की सीख देती हैं।

 

  • शीर्षक           : लावण्यवती
  • अंक               : 512
  • कुल पृष्ठ         : 36
  • भाषा             : हिंदी 
  • प्रकाशक       : इंडिया बुक हाउस 
  • प्रकाशन वर्ष  : ____

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