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Chaturang Katha-H-510-Nildevi

Sunday, 29/03/2026 07:26 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
510
Category
Chaturang
Language
Hindi
Chaturang Katha-H-510-Nildevi

Chaturang Katha-H-510-Nildevi

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NA
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नीलदेवी 

जहां मुगल अपनी शक्ति और सत्ता के लिए दंतकथाओं में चर्चित हैं, वहां राजपूत अपने शौर्य के लिए। और जब राजपूतों को अपनी आन बचाने के लिए युद्ध में उतरना पड़ा, जैसा कि अक्सर होता रहा है तो उन्होंने वीरता के नये कीर्तिमान स्थापित किये। नूरपुर हिमालय की तलहटी में बसा एक छोटा-सा राज्य था, जिसकी धम- हौलत और प्राकृतिक साधन अनेक आक्रमणकारियों को आकर्षित करते थे। नूरपुर का शासक सूरज- देव एक राजपूत था। वह हिम्मत के साथ अपने राज्य की रक्षा में लगा रहता था। एक हिन मुगल सेनापति अब्दुल शरीफरखां ने नूरपुर और वहां की रूपवती रानी नीलदेवी को हथियाने का निश्चय किया। जब मुगलसेना ने नूरपुर के चारों ओर घेरा डाल दिया और सूरजदेव के अभिमान के सामने उन्हें झुकना पड़ा तो कहानी नया मोड़ लेती है। नीलदेवी का साहस ही नीलदेवी' की कहानी है। यह कहानी राजपूतों के रोमांचक और वीरतापूर्ण 'इतिहास की एक कड़ी है।

 

  • शीर्षक           : नीलदेवी 
  • अंक              : 510
  • कुल पृष्ठ         : 36
  • भाषा             : हिंदी 
  • प्रकाशक       : इंडिया बुक हाउस 
  • प्रकाशन वर्ष  : ____

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