रवीन्द्रनाथ टैगोर
हमारे राष्ट्रीय गान "जन गन मन" के रचनाकार रवीन्द्रनाथ टैगोर, जिन्हे लोग श्रादर से गुरुदेव कहा करते थे, 1861 में कलकत्ता में पैदा हुए थे। उनके पिता देवेन्द्रनाथ टैगोर, एक प्रसिद्ध समाज सुधारक थे। उनकी साधु प्रकृति के कारण, लोग उन्हें महर्षि कहा करते थे । रवीन्द्रनाथ की शिक्षा अधिकतर घर पर ही हुई। यूनिवर्सिटी कालेज, लन्दन में भी उन्होंने एक वर्ष तक शिक्षा पायी। उनका पालन-पोषण एक ऐसे वातावरण में हुआ, जिसमें संगीत और कविता सर्वत्र व्याप्त थी। काफी छोटी उम्र में उन्होंने कविता लिखनी शुरू की और बड़े होकर एक महान कवि बने। उन्होंने नाटक, कहानियाँ, उपन्यास और निबन्ध भी लिखे। कला की सम्पूर्ण विद्याओं से उनको लगाव था। वे एक कुशल गायक और अभिनेता भी थे। उनकी कविता संग्रह "गीतांजलि" के लिए, उन्हें 1913 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। टैगोर ने शान्तिनिकेतन में एक स्कूल की स्थापना की। धीरे-धीरे यह बढ़ कर विश्वभारती जैसा अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय बना। टैगोर का निधन 1941 में हुआ। 
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