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ACK-H-434-Manapasand Dulha

Friday, 17/04/2026 08:56 PM
Author
Chief Editor
Volume/Serial
434
Category
ACK
Language
Hindi
ACK-H-434-Manapasand Dulha

ACK-H-434-Manapasand Dulha

अमर चित्र कथा- मनपसंद दूल्हा 

कथासरित्सागर संसार की उन प्राचीन कहानियों का संग्रह है, जो वर्तमान युग में भी उपलब्ध हैं। कश्मीर के राजा अनंत की पत्नी सूर्यवती के मन-बहलाव के लिए इसका संकलन सोमदेव नामक ब्राह्मण ने किया था। सोमदेव राजा अनंत के दरबार में कवि थे। मोहक और  चित्ताकर्षक कथासरित्सागर में आश्चर्यजनक कुमारियों तथा उनके निर्भीक प्रेमियों की, राजाओं और उनके राज्यों की, शासन-कला और षड्यंत्रों की, मंत्र-तंत्र, छल-कपट और दांव-पेचों की, भूतप्रेतों और पिशाचों की कहानियां पायी जाती हैं। इस अंक में प्रकाशित 'मनपसंद दूल्हा' और 'देवताओं की गवाही' सोमदेव कृत कथासरित्सागर की कहानियों पर आधारित हैं। 


पहली कहानी मनपसंद दूल्हा, में अयोध्या के राजा वीरकेतु की कहानी बतलायी गयी है। उनके राज्य की प्रजा बहुत सुखी थी। उसी नगर में रत्नदत्त नाम का एक अमीर व्यापारी रहता था, जिसकी रत्नावती नाम की एक बहुत सुंदर बेटी थी। रत्नावती को शादी में कोई दिलचस्पी नहीं थी, और वह किसी भी राजकुमार से विवाह करने के लिए तैयार नहीं थी। उन्हीं दिनों उस नगर में चोरियों का सिलसिला बढ़ गया। राजा वीरकेतु ने चोरों को पकड़ने के लिए खुद भेष बदला और रात के अंधेरे में निकल पड़े। आगे क्या हुआ वो इस पुस्तक में पढ़ें। 

इस कॉमिक्स की दूसरी कहानी देवताओं की गवाही में उपकोशा नाम की एक बहुत ही चतुर महिला की कहानी दिखाई गयी है, जिसकी सगाई वररुचि नामक युवक से हुई से हुई थी। जब वररुचि कुछ समय के लिए नगर से बाहर जा रहा था, तो उसने अपनी सारी धन-संपत्ति हिरण्यगुप्त नाम के एक लालची व्यापारी के पास रखवा दी। वररुचि की अनुपस्थिति में, नगर के तीन बड़े अधिकारी—मंत्री, खजांची और दंडाधिकारी—उपकोशा की सुंदरता पर मोहित हो गए और उसे परेशान करने लगे। इतना ही नहीं, लालची व्यापारी हिरण्यगुप्त ने भी वररुचि का धन वापस करने से मना कर दिया और उपकोशा के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। इसके बाद वररुचि का क्या हुआ? वह इस कॉमिक्स के दूसरी कहानी में पढ़ें। 

  • अमर चित्र कथा 
  • शीर्षक : मनपसंद दूल्हा
  • अंक : 434
  • कुल पृष्ठ : 36
  • लिपि : हिंदी
  • प्रकाशक :  इण्डिया बुक हाउस पब्लिकेशन 
  • प्रकाशन वर्ष : फरवरी 1991

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